Jee Karda Review: दोस्ती, प्यार और ड्रामा की अलग जर्नी पर ले जाएगी तमन्ना भाटिया की ‘जी करदा’
Jee Karda Review: आज तक आपने दो तीन या चार दोस्तों की कहानी तो देखी होगी, लेकिन ‘जी करदा’ (Jee Karda) में आप पूरे सात दोस्तों की कहानी बेहद मजेदार तरीके से देखने वाले हैं। यह वेब सीरीज आज यानी 15 जून को प्राइम वीडियो पर रिलीज हो गई है। अरुणिमा शर्मा द्वारा निर्देशित ‘जी करदा’ में तमन्ना भाटिया, सुहेल नय्यर, संवेदना सुवालका, आन्या सिंह, हुसैन दलाल और सायन बनर्जी जैसे बेहतरीन एक्टर्स मुख्य भूमिकाओं में नजर आ रहे हैं। 8 एपिसोड्स की यह सीरीज आपको मस्ती, दोस्ती, प्यार और ड्रामा की एक ऐसी जर्नी पर ले जाएगी, जहां सभी की जिंदगियां अलग-अलग होते हुए भी गहराई से जुड़ी हुईं हैं।
कहानी
सातों दोस्तों की कहानी (Jee Karda) की शुरुआत स्कूल यूनिफॉर्म में एक जादूगर के पास से होती है जहां सभी अपने-अपने भविष्य के बारे में जानना चाहते हैं। जादूगर सभी के बारे में एक-एक बात बताने के दस रुपये मांगता है। इसके बाद वह सातों दोस्तों को अलग-अलग चीजों से दूर रहने के लिए कहता है वहीं लावण्या को जादूगर साल 2022 से बचने की सलाह देता है। वहीं आगे जाकर जब ऋषभ अपनी लॉन्ग टाइम गर्लफ्रेंड लावण्या को शादी के लिए प्रपोज करता है तो वह हां कर देती है। सारी परेशानियां तब शुरू होती हैं जब उसके स्कूल फ्रेंड्स इस शादी में शामिल होने के लिए आते हैं। क्या लावण्या और ऋषभ की शादी हो पाएगी? क्या सभी दोस्तों की जिंदगी जादूगर के कहे मुताबिक बदलेगी या कोई नई प्रॉब्लम क्रिएट होगी? यह जानने के लिए आपको ये वेब सीरीज देखनी होगी।
एक्टिंग
‘जी करदा’ (Jee Karda) में तमन्ना भाटिया ने बेहतरीन एक्टिंग की है। उनके साथ -साथ बाकी एक्टर्स ने भी बढ़िया काम किया है। आशिम गुलाटी और सुहेल नय्यर को जितना भी स्क्रीन स्पेस मिला उन्होंने अच्छा काम किया है। वहीं आन्या सिंह और हुसैन दलाल ने भी अपने किरदार से दर्शकों पर एक अलग ही छाप छोड़ी है। कुल मिलाकर आज की जेनरेशन सीरीज के हर किरदार से खुद को कनेक्टेड फील करेगी और यही ‘जी करदा’ की खासियत है।
डायरेक्शन
अरुणिमा शर्मा हमेशा से ही अपने बेहतरीन डायरेक्शन के लिए जानी जाती हैं, इस बार भी उन्होंने उम्मीद के मुताबिक शानदार काम किया है। फिल्मों (Jee Karda) में दोस्तों की संख्या से इतर जाकर उन्होंने इस बेव सीरीज में पूरे सात दोस्तों की कहानी को दिखाया है, जो सुनने जितना आसान नहीं है। हर किरदार से अरुणिमा ने बेहतरीन काम लिया है। हां कहीं-कहीं कहानी थोड़ी उलझी हुई लगती है लेकिन लास्ट तक आते-आते सब ठीक हो जाता है।
