Farzi Review: शाहिद शो चुराते हैं लेकिन विजय सेतुपति हैं गेम चेंजर सीरीज ‘फर्जी’ है ब्लॉकबास्टर
Farzi Review: ‘जब जेब में पैसा नहीं होता, तो सब जगह पैसा ही पैसा दिखता है…’ यह डायलॉग फर्जी का है। गरीबी में सही और गलत का फर्क आप समझ नहीं पाते! सही और गलत के बीच आप रेखा नहीं खींचते। इसी फर्क से अंजान होने पर आधी समस्याएं शुरू होती हैं और जीवन को नर्क बना देती हैं। इसी स्टोरी लाइन पर टिके हैं फर्जी के 8 एपिसोड। शाहिद कपूर, विजय सेतुपति, भुवन अरोड़ा, अमोल पालेकर, राशी खन्ना और के के मेनन स्टारर यह वेब सीरीज अमेजन प्राइम पर आज से क्रांति करने को उतर आई है। हास्य की खुराक के साथ इसमें मनोरंजक का अच्छा तडक़ा है। लेकिन इसका मजा लेने के लिए आपको अपने 8 घंटे का निवेश करना होगा। निर्देशक राज और डीके ने हर एपिसोड को अच्छे से पकाया है। फर्जी का हर एपिसोड 60 मिनट का है, जिसमें कुछ हिस्सों में आप थका हुआ महसूस कर सकते हैं। इस वेब सीरीज में अपने ओटीटी डेब्यू के साथ शाहिद जहां शो चुराते हैं, वहीं विजय सेतुपति गेम चेंजर निकलते हैं।
कहानी
गरीबी और तंगहाली से निकलने के लिए सनी (शाहिद कपूर) कड़ी मेहनत करता है। सनी एक आर्टिस्ट है जो आजीविका के लिए अपनी पेंटिंग्स बेचता है, लेकिन उससे रोजमर्रा की जरूरतें भी बमुश्किल पूरी होती हैं। एक समय आता है जब उसके दादाजी की प्रिंटिंग प्रेस क्रांति कर्जे में डूब जाती है। कर्जे से उभरने के लिए सनी अपनी कला का गलत उपयोग करता है और ठगी के ऊंचे दांव पेंच पर लग जाता है। वो अपने दादा की प्रेस बचाने लिए प्रिंटिंग प्रेस का ही गलत इस्तेमाल कर नकली नोट छापने का गंदा धंधा शुरू कर देता है। लेकिन माइकल वेदनायगम (विजय सेतुपति) की एंट्री के साथ ही उसके इस धंधे में पूर्ण विराम लग जाता है !!! यानी उसकी यह लिए खुशी अल्पकालिक हो जाती है। माइकल एक तेज तर्रार टास्क फोर्स अधिकारी है। माइकल का मिशन देश को खतरों और गलत कामों से बचाना है। क्या वह सनी को पकड़ पाएगा? क्या वह देश को जाली नोटों से मुक्त करा पाएंगे? इसके लिए आपको 8 घंटे इन्वेस्ट करने होंगे। फिल्म में गालियां का इस्तेमाल भी कम नहीं है, इसलिए परिवार के साथ तो इसे कतई मत देखिएगा। बेहतर होगा दोस्तों के साथ देखें यकीनन मजा आएगा।
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एक्टिंग
सनी की मुख्य भूमिका में शाहिद कपूर ने कमाल किया है। मस्त दाढ़ी और बिखरे बाल में शाहिद हॉटनेस का जलवा बिखेर रहे हैं। शाहिद ने शानदार एक्टिंग की है। शाहिद अपनी भावनाओं को पूरी लगन के साथ व्यक्त करते हैं। अमोल पालेकर सनी के दादाजी की भूमिका में फिर पर्दे पर उतरे हैं, उनकी एक्टिंग के बारे में मैं नहीं लिखूंगी, आपको खुद देखें।
फर्जी के साथ विजय सेतुपति ने अपना बॉलीवुड डेब्यू किया है, लेकिन उनकी बेटिंग धुंआधार है। उनका हिंदी उच्चारण आपको पसंद आएगा। हिंदी में जब वह अपशब्द भी कहते हैं तो आपको बुरा नहीं लगता बल्कि मजा आता है। एक अंडरकवर पुलिस अधिकारी की भूमिका में विजय का स्वैग सुपर कूल है। विजय ने अपनी भूमिका बहुत सहजता से निभाई है। मैं यकीन से कह सकती हूं कि उसका चरित्र आप पर हावी हो जाएगा।
राशि खन्ना आरबीआई में एक कर्मचारी मेघा व्यास की भूमिका निभा रही हैं, जो नकली नोट की अच्छी पहचान रखती है। वह नकली नोट बनाने वालों को पकडने के लिए माइकल की टास्क फोर्स में शामिल हो जाती है। राशि ने अपनी भूमिका बखूबी निभाई है। उनकी भूमिका ने मुझे काफी चकित किया। के के मेमन मोस्ट वांटेड अपराधी मंसूर दलाल की भूमिका निभाते हैं। मेमन साहब मंझे हुए कलाकार हैं और उनकी एक्टिंग से सभी परिचित हैं, इसीलिए उनके बारे में मैं ज्यादा एक्सप्लेन नहीं करना चाहती। वह बिल्कुल सहज है और बस अपनी भूमिका के साथ पूर्ण न्याय करते नजर आ रहे हैं। अनीस के रूप में साकिब अयूब, फिरोज के रूप में भुवन अरोड़ा और यासिर चाचा के रूप में चितरंजन गिरी ने सराहनीय काम किया है।
